रेडियो - एफ.टी.आय.आय (समाज की सेवा के लिए)


रेडियो एफ.टी.आय.आय. का उदघाटन 29 जनवरी, 2007 को ज्ञानपीठ पुरस्‍कार विजेता डॉ. यू.आर. अनन्‍तमूर्ति द्वारा, उस की पहचान- धुन से हुआ । हमारी पहचान - धुन भारतीय सिनेमा में भाफिटेसं के योगदान को दर्शाती है ।


रेडियो एफ.टी.आय.आय. कई विषयों पर सूचनात्‍मक तथा शैक्षिक कार्यक्रम उपलब्‍ध करवाता है । हमारे प्रथम कार्यक्रम, मराठी नाटक '' कृष्‍ण किनारा '' की निर्मिति सुश्री गार्गी फुले ने की तब से हम आगे बढ रहे हैं । एक वर्ष की अवधि में ही हमारे कार्यक्रमोंकी संख्‍या 275% तक बढ़ गयी है । आज हमारे पास भिन्‍न - भिन्‍न विषयों तथा समस्‍याओं पर बनाये गये लगभग 350 कार्यक्रम हैं ।


हमारे सिनेमा प्रेमी श्रोता विख्‍यात फिल्‍म निर्माताओं के साथ साक्षात्‍कार , व्‍याख्‍यान तथा बातचीत के रूप में सिनेमा पर कार्यक्रम पा रहें हैं । हमारे पूर्व छात्र अपने कॅम्‍पस के अनुभवों को श्रोताओं के साथ बॉंटते हैं ।


भारतीय शिक्षा संस्‍थान पुणे, राज्‍य संसाधन केन्‍द्र - पुणे, ने शिक्षा पर आधारित श्राव्‍य सामग्री प्रदान की है । हम उच्‍च शिक्षा के उद्देश्‍य से छात्रों के लिए उपलब्‍ध विभिन्‍न संस्‍थानों और शाखाओं के सन्‍दर्भ में जानकारी देते हैं ।


डॉ. शेखर कुलकर्णी, जैसे बहुआयामी व्‍यक्ति ने, हमारे स्‍वास्‍थ्‍य हिस्‍से को अधिक समृध्‍द करने हेतु, हमें विशेषज्ञ डॉक्‍टरों से जोड दिया है । उन्‍होंने अन्‍य विषयों पर कार्यक्रम उपलब्‍ध करवाने में भी हमारी सहायता की है । हमारा प्रयास है, वैकल्पिक चिकित्‍सा तथा उपचार पध्‍दति के लाभों का पता लगाना ।


पद्म विभूषण डॉ. मोहन धारिया पूर्व केन्‍द्रीय मंत्री, तथा सुश्री शीतल महाजन- पॅराशूट जम्‍पर, जिसने पॅराशूट जम्पिंग में पॉंच वर्ल्‍ड रिकार्ड बनाए है, तथा डॉ. प्रकाश आमटे जी की आदिवासी क्षेत्र में निष्‍काम सेवा आदि व्‍यक्तियों का सुनना सही रूप में प्रेरणात्‍मक है । हमारे साथ शांताबाई रानडे, श्री वाय.बी. दीक्षित, प्राध्‍यापक शरद चन्‍द्र गोखले (कास्‍प) जैसे समाज सेवक थे ।


अपने विकास के लिए, हमें आपस में अपनी समस्‍याओं को आपस में बॉंट लेना चाहिये । हमसें जुड़ी चुनौतियों को स्‍वीकार करनेवाले व्‍यक्तियों में से हमने सुश्री विद्या भागवत और सुश्री रोहिणी मेहेन्‍दले को प्रस्‍तुत किया, जो विकलांगो के पुनर्वसन के लिए काम करती हैं । दृष्टिबाधित व्‍यक्ति श्री रमाकान्‍त गायकवाड को भी हम ने उनकी कविता और गायन के लिए एक मंच प्रदान किया ।


मानव अधिकार कार्यकर्ता अँडव्‍होकेट असीम सरोदे ने मानव अधिकार के अन्‍तर्गत विभिन्‍न विषयों पर तथा अँडव्‍होकेट सुखदा कुलकर्णी ने, महिलाओं से संबंधित मानव अधिकारों की विस्‍तृत चर्चा की ।


हमारे पर्यावरण विभाग के 'झोन ओझोन' कार्यक्रम के अंतर्गत, अच्‍छी वसुंधरा के लिए बहुत से गैर सरकारी संगठनों ने अपने योगदान की जानकारी दी । प्रकृति को कैसे बचाया जाये, इस बारे में डॉ. पराग महाजन - पर्यावरण वैज्ञानिक ने बहुत अच्‍छी तरह से समझाया ।


हमारे श्रोताओं ने मनुष्‍य के विभिन्‍न रूपों का अनुभव किया तथा उनके बारे में बताया । भीड़ में से अलग चेहरों की पहचान करवाना ही हमारा प्रयास है । अपने सृजनशील आशय के लिए कई आवाजों ने हमारे मंच का प्रयोग किया है । सामाजिक विषयों के संबंध में जागृति उत्‍पन्‍न करने के लिए हमने चरित्रों की निर्मिति की । स्‍वास्‍थ्‍य नुस्‍खें सामान्‍य नुस्‍खें, सामान्‍य ज्ञान तथा सामाजिक सन्‍देश से हमारे कार्यक्रम समृध्‍द हुए हैं ।


हमने अन्‍तर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस के साथ विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य दिवस, अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मजदूर दिवस,विश्‍व पर्यावरण दिवस, विश्‍व विकलांग दिवस, मानव अधिकार दिवस, विश्‍व एड्स दिवस तथा शिक्षक दिवस पर समर्पित, पूर्णकालीन कार्यक्रम प्रस्‍तुत किये हैं ।


हमारे विषयोंकी रूपरेखा को सुगोठित करने के प्रयासों के कारण हमें बहुत से श्रोतागण मिल गये हैं । रेडियो एफ.टी.आय.आय. की इस एक वर्ष की अवधि में अच्‍छे कार्य की सराहना हुई हैं । श्रोताओं का प्रतिसाद हमें उत्‍साहित कर रहा है ।


यदि विचार किया जाये तो यह बहुत बडी उपलब्धि है कि सीमित स्‍त्रोत होते हुए भी हम सेवा और विषयों की गुणवत्‍ता को कायम रखने में समर्थ है ।